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Monday, October 20, 2014

वादें

किये थे जो वादें थे तुमसे उन्हे निभा ना सकूँगी,
कही थे जो बातें थी तुमसे उन्हे भुला ना सकूँगी,
भले जो मानो तो बेवफा मैं सही,
दिया जो दिल था तुम्हे उसे मैं वापस पा ना सकूँगी,
तेरे इन हाथों की छुअन मुझे याद है अब तक,
तेरी उन बातों की कशिश जो मेरे साथ है अब तक,
तेरी वो नादानियाँ वो लड़ना तेरी यादें जो पास है अब तक,
तू जो भी कह ले पर सच है तुजे भुला ना सकूँगी,
पर किये जो वादें थे तुमसे उन्हे निभा ना सकूँगी,
तुझे यू छोड़ के राह मे मैं तो जी ना सकूँगी,
तू जो गया है तो तुझे भी रुकने को मैं ना कहूँगी,
मेरे जाने से ये जो तेरी जिंदगी थमी है,
मेरा है वादा ये फिर से बेहने लगेगी..
इस दर्द को अपने दिल में सहेज लुंगी ,
पर किये जो वादें तुमसे उन्हे निभा ना सकूँगी..!!


From: Find Me...

Saturday, October 11, 2014

जिक्र

यूं कुछ तेरा जिक्र ही ऐसा हुआ जो,
की यादों मे कुछ पल ताज़ा होने लगे यू,
कुछ साँवली सी झलकियां आँखों से गुजरने लगी,
कुछ देर के लिये मस्तिष्क़ पे सोच का बादल गहराने लगे,
सोच की नदियाँ मीलों दूर तक बहने लगी,
कुछ मीठी बातें परचम बनकर लेहराने लगी,
आँखों से समंदर बाँध तोड़ क़र बेहने लगा यूं,
आज पूरा चाँद भी अधूरा लगने लगा यूं,
कुछ तेरा जिक्र ही ऐसा हुआ जो …..!!



सुचिता