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Tuesday, December 9, 2014

कैसे

गर्दिशों मे है तारे मेरे तुझे ये समझाऊ मै कैसे,
दिल मैं है दर्द कितना ये तुझे बताऊ मै कैसे,
अंखों से बहने लगे है आंसु यू बेवजह,
इन अंसुओं की तकलीफ तुझे दिखाऊ मै कैसे,
तुझसे ये दूरियां है बेबसी मेरी,
तेरे इस प्यार को अपने दिल से यूँही मिटाऊ मै कैसे,
मेरे हर ख्वाब है टूटे किसी हल्के काँच के जैसे,
इन टूटे हुए ख्वाबों को तुझसे रूबरू कराऊ तो कैसे,
मेरा दिल तडप कर दे रहा है आवाज़ तुझे,
इन दूरियों के पार ये आवाज़ सुनाऊ मै कैसे.
गर्दिशों मे है तारे मेरे तुझे ये समझाऊ मै कैसे,
दिल मैं है दर्द कितना ये तुझे बताऊ मै कैसे..!!!

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